Sindhu Sabhyata In Hindi (सिंधु घाटी सभ्यता प्रश्नोत्तरी) – Q&A

Sindhu Sabhyata In Hindi:- Harappa / Indus Civilization (2500 BC-1750 BC) [हड़प्पा / सिन्धु सभ्यता (2500 ई० पू०-1750 ई० पू०)] is a very important topic of Ancient Indian History (प्राचीन भारतीय इतिहास) in the exam point of view. We are going to share the Questions in this post (Sindhu Sabhyata In Hindi).

sindhu-sabhyata-in-hindi

  • रेडियोकार्बन C14 जैसी नवीन विश्लेषण-पद्धति के द्वारा सिन्धु सभ्यता की सर्वमान्य तिथि 2350 ई० पू० से 1750 ई० पूर्व मानी गयी है।
  • सिन्धु सभ्यता की खोज रायबहादुर दयाराम साहनी ने की।
  • सिन्धु सभ्यता को प्राकऐतिहासिक (Protohistoric) अथवा कास्य (Bronze) युग में रखा जा सकता है। इस सभ्यता के मुख्य निवासी द्रविड़ एवं भूमध्यसागरीय थे।
  • सिन्धु सभ्यता के सर्वाधिक पश्चिमी पुरास्थल सुतकागेंडोर (बलूचिस्तान). पूर्वी पुरास्थल आलमगीरपुर (जिला मेरठ, उत्तर प्रदेश), उत्तरी पुरास्थल माँदा (जिला अखनूर जम्मू कश्मीर) तथा दक्षिणी पुरास्थल दाइमाबाद (जिला अहमद नगर, महाराष्ट्र)
  • सिन्धु सभ्यता या सैंधव सभ्यता नगरीय सभ्यता थी। सैंधव सभ्यता से प्राप्त परिपक्व अवस्था वाले स्थलों में केवल 6 को ही बड़े नगर की संज्ञा दी गयी है, ये हैं मोहनजोदड़ो, हड़प्पा, गणवारीवाला, धौलावीरा राखीगढ़ी एवं कालीबंगन।
  • स्वतंत्रता प्राप्ति पश्चात् हड़प्पा संस्कृति के सर्वाधिक स्थल गुजरात में खोजे गए हैं।
  • लोथल एवं सुतकोतदा-सिन्धु सभ्यता का बन्दरगाह था।
  • जुते हुए खेत और नक्काशीदार ईंटों के प्रयोग का साक्ष्य कालीबंगन से प्राप्त हुआ है।
  • मोहनजोदडो से प्राप्त अन्नागार संभवतः सिन्धु काल में विदेशी व्यापार सैंधव सभ्यता की सबसे बड़ी इमारत है।
  • मोहनजोदड़ो से प्राप्त बृहत् स्नानागार तांबा खेतड़ी, बलूचिस्तान, ओमान एक प्रमुख स्मारक है, जिसके मध्य स्थित स्नानकुंड 11-88 मीटर लम्बा, 7-01 मीटर चौड़ा एवं 2-43 मीटर गहरा है।
  • अग्निकुण्ड लोथल एवं कालीबंगन से प्राप्त है।
  • मोहनजोदड़ो से प्राप्त एक शील पर तीन मुख वाले देवता (पशुपति नाथ) की मूर्ति मिली है। उनके चारों ओर हाथी, गैंडा, चीता एवं भैसा विराजमान है।
  • मोहनजोदड़ो से नर्तकी की एक कांस्य मूर्ति मिली है।
  • हड़प्पा की मोहरों पर सबसे अधिक एक शृंगी पशु का अंकन मिलता है।
  • मनके बनाने के कारखाने लोथल एवं चन्हूदड़ो में मिले है।
  • सिन्धु सभ्यता की लिपि भावचित्रात्मक है। यह लिपी दाई से बाईं ओर लिखी जाती थी। जब अभिलेख एक से अधिक पंक्तियों का होता था तो पहली पंक्ति दाईं से बाईं और दूसरी बाई से दाई ओर लिखी जाती थी।
  • सिन्धु सभ्यता के लोगों ने नगरों तथा घरों के विन्यास के लिए ग्रीड पद्धति अपनाई।
  • घरों के दरवाजे और खिड़कियाँ सड़क की ओर न खुलकर पिछवाड़े की ओर खुलते थे। केवल लोथल नगर के घरों के दरवाजे मुख्य सड़क की ओर खुलते थे।
  • सिन्धु सभ्यता में मुख्य फसल थी-गेहूँ और जौ।
  • सैंधव वासी मिठास के लिए शहद का प्रयोग करते थे।

Additional reading:- Sindhu Ghati Sabhyata Quiz In Hindi

  • रंगपुर एवं लोथल से चावल के दाने मिले हैं, जिनसे धान की खेती होने का प्रमाण मिलता है। चावल के प्रथम साक्ष्य लोथल से ही प्राप्त हुए है।
  • सुरकोतदा, कालीबंगन एवं लोथल से सैंधवकालीन घोड़े के अस्थिपंजर मिले हैं।
  • तील की इकाई संभवतः 16 के अनुपात में थी।
  • सैंधव सभ्यता के लोग यातायात के लिए दो पहियों एवं चार पहियों वाली बैलगाड़ी या भैंसागाड़ी का उपयोग करते थे।
  • मेसोपोटामिया के अभिलेखों में वर्णित मेलूहा शब्द का अभिप्राय सिन्धु सभ्यता से ही है।
  • संभवतः हड़प्पा संस्कृति का शासन वणिक वर्ग के हाथों में था।
  • पिगट ने हड़प्पा एवं मोहनजोदड़ो को एक विस्तृत साम्राज्य की जुड़वा राजधानी कहा है।
  • सिन्धु सभ्यता के लोग धरती को उर्वरता की देवी मानकर उसकी पूजा किया करते थे।
  • वृक्ष-पूजा एवं शिव-पूजा के प्रवलन के साक्ष्य भी सिन्धु सभ्यता से मिलते हैं।
  • स्वस्तिक चिह्न संभवतः हडप्पा सभ्यता की देन है। इस चिह्न से सूर्योपासना का अनुमान लगाया जाता है। सिन्धु घाटी के नगरों में किसी भी मंदिर, के अवशेष नहीं मिले हैं।
  • सिन्धु सभ्यता में मातृदेवी की उपासना सर्वाधिक प्रचलित थी।
  • पशुओं में कुबड़ वाला साँड़, इस सभ्यता के लोगों के लिए विशेष पूजनीय था।
  • स्त्री मृणमूर्तियाँ (मिट्टी की मूर्तियाँ) अधिक मिलने से ऐसा अनुमान लगाया जाता है कि सैंधव समाज मातृसत्तात्मक था।
  • सैंधववासी सूती एवं ऊनी वस्त्रों का प्रयोग करते थे।
  • मनोरंजन के लिए सेंधववासी मछली पकड़ना, शिकार करना, पशु पक्षियों को आपस में लड़ाना, चौपड़ और पासा खेलना आदि साधनों का प्रयोग करते थे।
  • सिन्धु सभ्यता के लोग काले रंग से डिजाइन किए हुए लाल मिट्टी के बर्तन बनाते थे।
  • सिन्धु घाटी के लोग तलवार से परिचित नहीं थे।
  • कालीबंगन एक मात्र हड़प्पाकालीन स्थल था, जिसका निचला शहर (सामान्य लोगों के रहने हेतु) भी किले से घिरा हुआ था।
  • पर्दा प्रथा एवं वेश्यावृत्ति सैंधव सभ्यता में प्रचलित थी।
  • शवों को जलाने एवं गाड़ने यानी दोनों प्रथाएँ प्रचलित थीं। हडप्पा में शवो को दफनाने जबकि मोहनजोदड़ो में जलाने की प्रथा विद्यमान थी । लोथल एवं कालीबंगा में युग्म समाधियाँ मिली है।
  • सैंधव सभ्यता के विनाश का संभवतः सबसे प्रभावी कारण बाट था।
  • आग में पकी हुई मिट्टी को टेराकोटा कहा जाता है।

Additional reading:- Harappa Sabhyata Quiz In Hindi

सिन्धु काल में विदेशी व्यपार

आयातित वस्तुएँ प्रदेश
तांबा खेतड़ी, बलूचिस्तान, ओमान
चाँदी अफगानिस्तान, ईरान
सोना कर्नाटक, अफगानिस्तान, ईरान
टिन अफगानिस्तान, ईरान
गोमेद सौराष्ट्र
लाजवर्द मेसोपोटामिया
सीसा ईरान

Additional reading:- Upsc Motivational Quotes In Hindi

Leave a Comment